सुनील शर्मा ( स्टेट हेड राजस्थान )
उदयपुर : जिले में डीएसटी व थाना हिरणमगरी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन साइबर शील्ड अभियान के तहत अवैध प्रतिबंधित गेमिंग प्लेटफार्म पर विभिन्न खेलों पर सट्टा खिलाते के मामले में आरोपी युवती सहित 03 जनों को गिरफ्तार किया है।जिनसे साईबर ठगी में प्रयुक्त लेपटॉप,कई सारे मोबाइल, सैकडों की तादाद में सिम,विभिन्न फर्मों की मोहरे,कई सारे चैक बुक,एटीएम कार्ड व फर्जी खाता धारकों की पासबुक सामग्री जब्त की गई है।
एसपी योगेश गोयल ने बताया कि आरोपी आयुष पुत्र गिरीराज निवासी सुरजपोल,पूजा पुत्री प्रभूराम निवासी जिला सिरोही. हाल सेक्टर 5, हिरणमगरी एवं राजेन्द्र कुमार पुत्र करता राम पेशा निवासी जिला जालोर हाल गायरीयावास सर्कल उदयपुर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी आयुष अवैध प्रतिबंधित गेमिंग वेबसाइट संचालित करता है,जबकि बैंक कर्मी पूजा बैंकिंग संबंधी काम और बीटेक कर प्राइवेट जॉब कर रहा राजेंद्र,आयुष के कहने पर बैंक खाता उपलब्ध कराता था।
एसपी गोयल ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन साईबर शील्ड के तहत एएसपी उमेश ओझा व सीओ छगन पुरोहित पुलिस के सुपरविजन में डीएसटी प्रभारी श्याम सिंह रत्नू व एसएचओ दर्शन सिंह मय टीम द्वारा आसूचना के आधार पर नाकाबंदी कर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से साईबर ठगी करने में प्रयुक्त सामग्री लेपटॉप,कई सारे मोबाईल,सैकडों की तादाद में सिम, विभिन्न फर्मों की मोहरे,कई सारे चैक बुक,एटीएम कार्ड व फर्जी खाता धारकों की पासबुक इत्यादि सामग्री पाई गई।
वारदात करने का तरीका
गिरफ्तार अभियुक्त आयुष प्रतिबंधित अवैध गेमिंग वेबसाईट आल पैनल एक्सच डॉट कॉम,वर्ल्ड 999,टाईगर 365,किंगहेक्सच व 22X प्ले पर लोगों को प्रेरित कर उनकी गेमिंग आईडी बनाता व आरोपी पूजा एक प्राइवेट बैंक में जॉब करती।आयुष के कहने पर यह भोले भाले लोगों के बैंक में खाते खुलवाने,खाता धारक के खाते का बैलेंस सम्बन्धित जानकारी देने,बैंक के सिस्टम से खाता धारक के बैंक बैलेंस,हस्ताक्षर के नमूने व अन्य गोपनीय सूचनाएं आयुष को उसके वॉट्सअप नम्बर पर उपलब्ध करवाती थी।जबकि राजेन्द्र कुमार आयुष के मांगने पर लोगों के बैंक खाता खुलवा कर खाता धारको के बैंक खाते का कीट किराये पर देता था।
इस प्रकार आयुष,पूजा तथा राजेन्द्र कुमार के द्वारा लोगों को लालच में डाल उन्हे स्वयं द्वारा अवैध रूप से संचालित गेमिंग प्लेटफार्म वेबसाईट पर क्रिकेट तथा अन्य खेलों पर सट्टे का दांव लगाने के लिये प्रेरित कर प्राप्त रकम को अन्य आम व्यक्तियों के नाम पर खुलवाए गये बैंक खातों में डलवा रूपये ऐठ लेते थे।